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सोमवार, 30 अप्रैल 2018

वाह रे वाह योगी सरकार, अब मन्दिरों पर भी होगा अत्याचार


वाह रे वाह योगी सरकार, अब मन्दिरों पर भी होगा अत्याचार_


पीडित बुजुर्ग की एप्‍लीकेशन हवा में उडाई थाना फीलखाना की बडी लापरवाही सामने आई_

*कानपुर फीलखाना थाना क्षेत्र के पटकापुर इलाके में बिहारी जी का मन्दिर है जिसकी देख-रेख बाल जी पांडे करते हैं। वहीं मन्दिर में कुछ लोग भी निवास करते हैं जिनमें से उसी मन्दिर के निवासी विनोद कुमार दीक्षित का आरोप है कि बिहारी जी के मंदिर में काफी संपत्ति संलग्‍न है, उसमें लगभग 20 कमरे बने हुए हैं और इसका कोई वैधानिक मालिक भी नहीं है। रूद्र नारायण पाण्‍डेय उर्फ बाल जी मन्दिर की देख-रेख नहीं करते हैं और मन्दिर की जगह में कब्जा कर लोगों से अवैध किराया वसूल करते हैं। किराया न देने पर जबरन लडाई करने लगते हैं व जान से मरवा देने की धमकी भी देते है, जिसकी शिकायत उन्होंने सम्बंधित थाना फीलखाना में की थी, जिसमें उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। पीडित ने बताया कि बाल जी के खिलाफ उन्‍होंने आईजीआरएस पर भी शिकायत दर्ज करायी थी जिसमें उनसे बिना बयान लिए हुए ही पुलिस ने खानापूर्ति करते हुए अपनी मनमर्जी रिपोर्ट लगा दी। पीडित ने बताया कि उनकी कम्पलेन्‍ट पर पटकापुर चौकी इचार्ज से लेकर एसपी तक की जांच सिर्फ हवा में ही रही, बिना मौके पर जांच किए ही उल्टा पीडित के खिलाफ लिख दिया गया कि वे जबरन वहां रहते हैं और शुल्क नहीं देते हैं। पीडित ने बताया कि मन्दिर ट्रस्ट का है, जिसका कोई मालिक नहीं है। न ही ट्रस्‍ट के कागजात मौजूद हैं, वे किस आधार पर रूद्र नारायण पाण्‍डेय उर्फ बाल जी को किराया दें।*

*पीडित ने बताया कि कुछ सेवक हैं जो मन्दिर का निर्माण कराना चाहते हैं और पूजा अर्चना कराते हैं तो उनको पहले रूद्र नारायण पाण्‍डेय उर्फ बाल जी से पूछना पडता है यहां तक मन्दिर में एक घंटा भी लगता है तो वो भी बाल जी पाण्‍डे के आदेश के बिना नहीं लग सकता, पीडित ने बताया कि बिहारी जी की मूर्ति तात्या टोपे के जमाने की है और बहुत प्राचीन और भव्य मूर्ति है। उनका बस यही मकसद है कि ऐसे प्राचीन मन्दिर को सरकार अपनी देख-रेख में रखकर उसका कार्य करे व ऐसे कब्जेदारों को कडी से कडी सजा दे जिसके पास मन्दिर के कोई भी कागज नहीं है और पुलिस की मदद से जबरन मालिक बना बैठा है।*

*फीलखाना थानाध्यक्ष ने भी दबंगो से मिलीभगत करके रिपोर्ट पर पीडित का बयान लिए बिना और बिना स्‍थलीय निरीक्षण कि‍ये, उल्टा पीडित के विपक्ष में जवाब लगा दिया। अब अगर पुलिस भी ऐसा काम करेगी तो फिर जनता का पुलिस पर से विश्वास उठ जाएगा, वैसे ही इन दिनों फीलखाना क्षेत्र में घटनाओं का सैलाब आया हुआ है। अब सोचने की बात ये है कि जब पुलिस प्रशासन बिना जांच किए ही मनमर्जी रिर्पोट लगा देगा तो प्रशासन पर कौन विश्वास करेगा ???*

*पीडित ने बताया कि उनकी जान-माल को खतरा है और अगर उनकी कोई सुनवाई नही हुई तो वे उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री तक अपनी शिकायत दर्ज कराएगे।*

*पीडित-विनोद कुमार दीक्षित*

*मो-8765305427

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