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सोमवार, 2 जुलाई 2018

जीएसटी मोबाइल यूनिट से मचा रेलवे दलालों और अधिकारि‍यों में हड़कंप #Public Statement



कानपुर 03 जुलाई 2018 (दिग्विजय सिंह 9044548961). इन सभी कर चोरी करने वालो की हो रही है गोपनीय जांच सब आए सरकार की नज़र में  हर रोज कर चोरी करने वाले के खिलाफ लिख रहे है परत दर परत खुलासे की और की किस तरह रेलवे और ट्रक रोड से कर चोरी की जा रही कितना बड़ा सिंडिकेट नेटवर्क इस काम को कर रहा है जीएसटी अधिनियम के बाद कुछ अधिकारी कैसे दलालो के लिएे रास्ते खोल कर चोरी करने में लिप्त है रेलवे में लीज एसएलआर के माध्यम से कर चोरी के माल का आवा गवन हो रहा है ये तो छापे में जब करोड़ का माल पकड़ा जाता है तो ये कहना कि किस तरह आज भी ये नेटवर्क सिंडिकेट कर चल रहा है या ही हाल रोड से है जो अंडर बिलिंग कर माल ले जा रहे है जिनपे सेल टैक्स अधिकारियों की मेहरबानी बानी है पान मसाला ,सुपारी,होज़री , फुटवियर, लैदर बेल्ट ,अस्क्सपोर्ट की सप्लाई आदि किस तरह बिलिंग की जा रही है अगर माल खोल के देखे तो पता चल जाय कि क्या गड़बड़ घोटाला है इसी तरह रेलवे में भी खेल लीज का मतलब है कि रेलवे में किसी ट्रैन में एसएलआर को किसी एक आदमी को साल भर य रोज य उसे ज़्यादा दिन तक दिया जाता है एक मुफ्त निर्धारित राशि रेलवे में जमा करा ली जाती है फिर उस आदमी को टेंडर प्रकिया कर लीज अवनति की जाती है
[ इस पर टैक्स का कोई लेना देना नही होता है न ही बिल्टी बनती है ये लीज होल्डर अपनी एक अलग से रसीद बुक इस्तेमाल करते है उसी में जो लिखना है पार्टी को देते है टैक्स चोरी करने के लिए गलत डिक्लेसन फॉर्म रेलवे को देते है जिसमे वज़न की चोरी और टैक्स की भी ये भी दलाल चलाते है कानपुर में सब से ज्यादा पान मसाला ,होज़री ,लेदर के आइटम एलेटर्निक गुड्स ,किराना ,सिगरेट , तंबाकू ,आदि का आना जाना ज़्यादा माना जाता है तभी तो छापे में सब आइटम पकड़े जाते है अधिकारियों को जब भी अपना शुविधा शुल्क बड़ाना होता है तो सेल टैक्स टीम छापे मारना चालू कर देती है जब सब सेट तो तैय हो जाता है एक नया रैट फिर काम करो टैक्स चोरी का ईमानदार अधिकारी जब छापे मारते है तो उनका ट्रासफर या उस जगह से हटा कर दूसरा काम करने में लगा दिया जाता है: क्यों कि सब के पास  कुबेर का खजाना है दलाल हो ये सेल टैक्स अधिकारी या उनके वसूली कर्मचारी जो भी सब माला माल है अगर इनकी जॉच करवाई जाए तो क्या क्या निकले रिस्तेदार हो या घर वाले ये तो तभी पता चल पायेगा जैसे केसव लाल जी के पास निकला था खजाना छापे में वैसे पता नही कितने टैक्स चोरी करने वाले लाल हो गए है अगर अधिकारी अपनी मोबाइल टीम को माल निकाशी और माल बुक के समय गेट के पास लगा दे तो टैक्स चोरी बन्द की जा सकती है हर बिल चेक किया जा सकता है इस मे ना रेलवे नियम का उलंघन न जीएसटी अधिनियम का उलंघन: सब से ज्यादा अनवर गंज और कानपुर लखनऊ आदि में लीज होल्डर दलाल सक्रिय है जो इस सिंडिकेट के मास्टर माइंड है:ऐसे में सरकार का बढ़ सकता है खजाना  रेलवे को कोई नुकसान नहीं अगर इस तरह रोकने के उपयोग किये जाय तो

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